T20 वर्ल्ड कप से बाहर होंगे संजू सैमसन
भारतीय क्रिकेट में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम को लेकर हो रही है, वह है संजू सैमसन। T20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम इंडिया के संभावित संयोजन को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं और इसी बीच अभिषेक शर्मा के एक बयान ने नई बहस को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या संजू सैमसन T20 वर्ल्ड कप की टीम से बाहर हो सकते हैं। यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि संजू सैमसन लंबे समय से टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और हर मौके पर खुद को साबित करने की कोशिश करते रहे हैं।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अभिषेक शर्मा ने टीम संयोजन और खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर कुछ बातें कही थीं। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को संजू सैमसन से जोड़कर देखा जा रहा है। क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान से संकेत मिलता है कि टीम मैनेजमेंट कुछ नए विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
संजू सैमसन का करियर उतार चढ़ाव से भरा रहा है। घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक संजू सैमसन ने कई बार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आक्रामक बल्लेबाजी, तेज रन बनाने की क्षमता और विकेटकीपिंग में सुधार के बावजूद संजू सैमसन को लगातार मौके नहीं मिल पाए हैं। कई बार ऐसा देखा गया है कि एक दो खराब पारियों के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया जबकि अन्य खिलाड़ियों को लंबा मौका मिला।
T20 फॉर्मेट में संजू सैमसन का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। आईपीएल में उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। राजस्थान की टीम की कप्तानी करते हुए भी संजू सैमसन ने नेतृत्व क्षमता दिखाई है। इसके बावजूद राष्ट्रीय टीम में उनकी जगह अब भी पक्की नहीं मानी जाती। यही वजह है कि जब भी चयन को लेकर कोई बयान आता है तो सबसे पहले संजू सैमसन का नाम चर्चा में आ जाता है।
अभिषेक शर्मा के बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि टीम मैनेजमेंट किस तरह के बल्लेबाज को प्राथमिकता दे रहा है। T20 वर्ल्ड कप में टीम को ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो शुरुआत से ही तेज रन बना सकें और जरूरत पड़ने पर मैच को अकेले दम पर पलट सकें। संजू सैमसन इस प्रोफाइल में पूरी तरह फिट बैठते हैं, लेकिन निरंतरता को लेकर उन पर सवाल उठते रहे हैं।
संजू सैमसन के समर्थन में यह तर्क भी दिया जाता है कि उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिला। जब कोई खिलाड़ी हर सीरीज में बदलता रहता है तो उससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करना मुश्किल हो जाता है। संजू सैमसन के फैंस मानते हैं कि अगर उन्हें लगातार पांच से दस मैच खेलने दिए जाएं तो वह खुद को स्थायी खिलाड़ी के रूप में साबित कर सकते हैं।
दूसरी ओर टीम इंडिया के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में कई नाम मौजूद हैं। युवा खिलाड़ी तेजी से उभर रहे हैं और चयनकर्ताओं के सामने मुश्किल फैसला है। ऐसे में संजू सैमसन को हर मौके का पूरा फायदा उठाना होगा। T20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में अनुभव के साथ साथ हालिया फॉर्म को भी बहुत महत्व दिया जाता है।
अभिषेक शर्मा का बयान इस बात की ओर भी इशारा करता है कि टीम मैनेजमेंट ऑलराउंड प्रदर्शन पर जोर दे रहा है। सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि फील्डिंग और टीम की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता भी देखी जा रही है। संजू सैमसन ने पिछले कुछ समय में अपनी फील्डिंग और विकेटकीपिंग में सुधार जरूर किया है, लेकिन उन्हें इसे लगातार साबित करना होगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि संजू सैमसन के लिए आने वाले मैच बेहद अहम हैं। अगर वह इन मुकाबलों में बड़ी पारी खेलते हैं तो उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। वहीं अगर प्रदर्शन औसत रहा तो चयनकर्ता अन्य विकल्पों की ओर झुक सकते हैं। यही वजह है कि हर मैच संजू सैमसन के करियर के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर संजू सैमसन को लेकर दो तरह की राय देखने को मिलती है। एक वर्ग मानता है कि संजू सैमसन को पर्याप्त मौके नहीं मिले और उनके साथ न्याय नहीं हुआ। दूसरा वर्ग यह कहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतरता सबसे अहम होती है और संजू सैमसन अब तक इसे साबित नहीं कर पाए हैं। इन दोनों धारणाओं के बीच सच कहीं न कहीं मौजूद है।
T20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की रणनीति आक्रामक क्रिकेट खेलने की हो सकती है। ऐसे में संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। वह पावरप्ले में तेजी से रन बना सकते हैं और मिडिल ऑर्डर में भी टीम को संभाल सकते हैं। अगर टीम मैनेजमेंट इस तरह की सोच के साथ आगे बढ़ता है तो संजू सैमसन को मौका मिल सकता है।
हालांकि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के हाथ में होती है। अभिषेक शर्मा का बयान भले ही चर्चा का विषय बन गया हो, लेकिन अंतिम फैसला प्रदर्शन और टीम की जरूरत के आधार पर ही लिया जाएगा। संजू सैमसन के लिए यह समय खुद को साबित करने का है, न कि बयानों पर ध्यान देने का।
संजू सैमसन का आत्मविश्वास हमेशा उनकी ताकत रहा है। जब वह क्रीज पर टिक जाते हैं तो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस नहस कर सकते हैं। ऐसे खिलाड़ी T20 वर्ल्ड कप में मैच विनर साबित हो सकते हैं। यही कारण है कि टीम इंडिया के लिए संजू सैमसन को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
आने वाले दिनों में जब T20 वर्ल्ड कप की संभावित टीम पर चर्चा तेज होगी, तब संजू सैमसन का नाम बार बार सामने आएगा। अभिषेक शर्मा के बयान ने भले ही अटकलों को हवा दी हो, लेकिन असली जवाब मैदान पर मिलने वाला है। अगर संजू सैमसन रन बनाते हैं तो सारे सवाल खुद ब खुद खत्म हो जाएंगे।
अंत में यही कहा जा सकता है कि संजू सैमसन का T20 वर्ल्ड कप में खेलना या बाहर होना अभी पूरी तरह तय नहीं है। यह पूरी तरह उनके प्रदर्शन और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा। फिलहाल फैंस को इंतजार करना होगा और देखना होगा कि आने वाले मैचों में संजू सैमसन किस तरह का प्रदर्शन करते हैं। अगर वह मौके का फायदा उठाते हैं तो T20 वर्ल्ड कप में उनकी जगह पक्की मानी जा सकती है।


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